लखनऊ. बसपा प्रमुख मायावती और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव के लिए आपस में सीटें बांट ली हैं। बसपा 38 सीटों पर लड़ेगी। सपा उससे एक सीट कम यानी 37 पर चुनाव लड़ेगी। इन सीटों की लिस्ट जारी कर दी गई है। इन 75 सीटें के अलावा बाकी पांच सीटें अन्य दलों के लिए छोड़ी दी गई है। इनमें से तीन सीटें मथुरा, बागपत और मुजफ्फरनगर चौधरी अजीत सिंह की पार्टी रालोद के लिए छोड़ी गई हैं। वहीं, दो सीटें अमेठी और रायबरेली कांग्रेस के लिए छोड़ी गई हैं। अमेठी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और रायबरेली सोनिया गांधी की सीट है।
सपा: कैराना, मुरादाबाद, रामपुर, सम्भल, गाजियाबाद, हाथरस (एससी), फिरोजाबाद, मैनपुरी, ऐटा, बदायूं, पीलीभीत, खीरी, हरदोई (एससी), उन्नाव, लखनऊ, इटावा (एससी), कन्नौज, कानपुर, झांसी, बांदा, कौशाम्बी (एससी), इलाहाबाद, फूलपुर, बाराबंकी (एससी), फैजाबाद, बहराइच (एससी), गोंडा, महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, आजमगढ़, बलिया, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर, रॉबर्ट्सगंज (एससी)।
बसपा: सहारनपुर, बिजनौर, नगीना (एससी), अमरोहा, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर (एससी), अलीगढ़, आगरा (एससी), फतेहपुर सीकरी, आंवला, शाहजहांपुर, धौरहरा, सीतापुर, मिश्रिख (एससी), मोहनलालगंज (एससी), सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, फर्रुखाबाद, अकबरपुर, जालौन (एससी), हमीरपुर, फतेहपुर, अंबेडकर नगर, कैसरगंज, श्रावस्ती, डुमरियागंज, बस्ती, संत कबीरनगर, देवरिया, बांसगांव (एससी), लालगंज (एससी), घोसी, सलेमपुर, जौनपुर, मछलीशहर (एससी), गाजीपुर और भदोही।
भारत एक विशाल कृषि प्रधान देश है और यहां के कृषि उत्पाद सस्ते होने की वजह से वैश्विक स्तर पर भी प्रतिस्पर्धी होते हैं. शंघाई इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल स्टडीज के सेंटर फॉर एशिया-पैसिफिक स्टडीज में डायरेक्टर झाओ गांगछेंग ने अखबार को बताया कि पिछले साल जुलाई से ही भारत से चीन में परंपरागत केमिकल उत्पादों के अलावा चावल, सोयाबीन, फल और मक्के जैसे कृषि उत्पादों का निर्यात काफी बढ़ रहा है.
पिछले साल दोनों एशियाई देशों ने कई तरह के भारतीय निर्यात को बढ़ावा देने के लिए समझौता किया था. पिछले साल जुलाई में चीन ने भारत से चावल आयात के लिए 14 की जगह 19 रजिस्टर्ड निर्यातकों को मंजूरी थी. इसकी वजह से बासमती ही नहीं, गैर बासमती चावल भी चीन को निर्यात होने लगे.
पिछले साल 1 जुलाई से ही चीन ने भारत से सोयाबीन आयात पर भी आयात कर खत्म कर दिया. पहले इस पर 3 फीसदी का आयात शुल्क लगता था. यही नहीं, भारतीय सोयाबीन मील, केक और अनार के निर्यात के लिए भी चीन और भारत के बीच प्रोटोकॉल पर दस्तखत के लिए बातचीत चल रही है.
गौरतलब है कि अमेरिका ने पिछले साल चीन के 250 अरब डालर के सामान के आयात पर आयात शुल्क 25 प्रतिशत तक बढ़ा दिया था. इसके जवाब में चीन ने भी 110 अरब डालर के अमेरिकी सामान के आयात पर शुल्क बढ़ा दिया. अमेरिका चीन का सबसे बड़ा व्यापार भागीदार है. वर्ष 2017 में अमेरिका का चीन के साथ कुल व्यापार 635.4 अरब अमेरिकी डालर का रहा. इसमें अमेरिका से निर्यात 129.9 अरब डालर और चीन से किया गया आयात 505.5 अरब डालर रहा.
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